पत्थर समझ के दरियाई घोड़ा के ऊपर चढ़ा तेंदुआ, पड़ गया लेने के देने – वीडियो

पत्थर समझ के दरियाई घोड़ा के ऊपर चढ़ा तेंदुआ

माना जाता है कि लंबे समय तक वहीं प्रजाति खुद को जीवित रख सकता है जो खुद को बदलते जीवन में ढाल सका है, वही जो जीव बदलते पर्यावरण में खुद को ढाल नहीं सके वह जल्द ही विलुप्त हो गए हैं, पर्यावरण में बहुत से ऐसे जानवर है जो अब दिखाई नहीं देते, धीरे-धीरे करके बदलते पर्यावरण में खुद को ढाल ना पाने के कारण विलुप्त हो चुके हैं। आज की इस वीडियो में आप सभी देख सकते हैं कि एक तेंदुआ मड फिश का शिकार करने के लिए कीचड़ में पहुंच गया है लेकिन दलदल होने के कारण तेंदुआ कीचड़ से बाहर नहीं निकल पा रहा है, तेंदुए का शरीर धीरे-धीरे करके दलदल में समाता जा रहा है, तेंदुए को कीचड़ से निकलने के लिए कठिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

तेंदुए के बारे में कुछ खास बात

इस तरह के दलदल में फंस कर हर वर्ष लाखों जीव मारे जाते हैं, वही एक जीव ऐसा है जो दलदल को अपना घर समझता है और हमेशा दलदल में ही रहता है, उसका नाम है “हिप्पोपोटामस” ऐसे कीचड़ में चलने में हिप्पोपोटामस को कोई परेशानी नहीं होती है।दूसरी ओर तेंदुआ भले ही कीचड़ में ना चल पाए लेकिन पेड़ पर चढ़ने में तेंदुए के अंदर बंदर से भी ज्यादा अधिक गति होती है। लोग कहते हैं कि पेड़ों पर चढ़ने में बंदर सबसे माहिर है लेकिन ऐसा नहीं है, यदि किसी बंदर को पेड़ पर चढ़ने में तेंदुए से मुकाबला करना हो तो बंदर हार जाएगा, कई बार ऐसा देखा गया है कि तेंदुआ बंदर से भी अधिक गति हासिल करते हुए पेड़ पर बंदर का शिकार करता है। दरअसल ना सिर्फ तेंदुआ बल्कि घरेलू बिल्ली से लेकर बाघ जैसे भयानक जानवर भी पेड़ पर आसानी से चढ सकते हैं।

पेड़ों पर चढ़ने में बिल्ली परिवार को मदद करते हैं इनके शानदार पंजे, इनके पंजे रिट्रेक्टेबल होते हैं जिसका अर्थ है कि बिल्लीयों के पंजे हमेशा इनके खाल के अंदर छुपे रहते हैं और केवल आवश्यकता पड़ने पर ही यह पंजे बाहर निकलते हैं, जिस वजह से इन पंजों का संपर्क जमीन से काफी कम होता है और इन पंजों के नाखून बेहद लंबे और नुकीले होते हैं।यदि किसी बिल्ली प्रजाति का मुकाबला कुत्तों के परिवार से किया जाए तो बिल्ली परिवार के पंजे कुत्ते की पंजों से बेहद अधिक मजबूत और बड़े होते हैं, यह माना जाता है कि एक तेंदुए को सिर्फ उसका एक नाखून पकड़कर ही उठाया जा सकता है, इस तरह से उठाने पर भी तेंदुए का नाखून नहीं टूटता है बल्कि तेंदुए का भारी वजन भी उसका एक नाखून झेल सकता है।

बिल्लियों के पंजों में अधिक मांसपेशियां और अधिक क्रिया भी होती हैं, कुत्तों के पंजे उनके शरीर के मुकाबले काफी छोटे और कमजोर होते हैं लेकिन देखा गया है कि एक छोटी घरेलू बिल्ली के पंजे का आकार भी कुत्तों के पंजे कि इतना बड़ा होता है, बिल्लियों के शरीर व पंजे अधिक चौड़ाई तक और अलग-अलग दिशा में मुड़ सकती है। ऐसी ही जानकारी के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ

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