आखिर पता चल गया सांप के दो जीभों का रहस्य, बहुत पुराना है राज ।

दुनिया बड़ी अजीब है और यहां बहुत सी ऐसी अजीबो-गरीब चीज़े हैं जिन्हे देखकर या सोचकर हम सब हैरान हो जाते हैं। कुछ ऐसे राज भी हैं जिन पर कितने ही सालों से रिसर्च चल रही है और ऐसे राज बड़े से बड़े वैज्ञानिक से लेके नार्मल इंसान तक के दिमाग में संकोच पैदा करते रहते हैं। आज हम आपको एक ऐसा ही अजीब राज बताने वाले हैं इस आर्टिकल में जो आपने पहले कभी नहीं सुना होगा।

आपने हमेशा सुना होगा की इंसान हो या जानवर लेकिन उसकी एक ही जीभ होती है, पर क्या कभी आपने ये सोचा कि सांप की दो जीभ कैसे होती है। तो आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसी बारे में बताने वाले हैं। आपने अक्सर कुछ फोटोज या वीडियोस में इस बात पर गौर किया होगा की सांप की दो जीभ होती है और ये बात हम सब जानते भी हैं।

दरअसल सांप की दो जीभ होती है और वह अपनी दोनों जीभ को अलग-अलग दिशा में इन्हें घुमाता है। वैसे सही मायने में तो जीभ एक ही होती है. लेकिन जब वह अपनी जीभ को बाहर निकालता है तो वह दो हिस्सों में बंट जाती है। सांप की जीभ के दो हिस्सों में बटने की कहानी आज से नहीं बल्कि 18 करोड़ साल पहले से ही शुरू हो चुकी थी।

आपने अक्सर देखा होगा कि सांप अपने से बड़े जानवरो से बचने के लिए गड्डो में छुप कर रहते हैं और उनका शरीर लम्बा और पतला होता है। सांप के पैर भी नहीं होते, यह अपनी जीभ का इस्तेमाल नाक की तरह करते हैं यानि यह जब अपनी जीभ को बाहर निकालते हैं तो यह गंध लेते हैं। सांप की जीभ को “वोमेरोनेजल अंग” माना जाता है। यह अंग सांप की नाक के नीचे होता है, अधिकतर जमीन पर रेंगने वाले कई जीवो में यह अंग पाया जाता है।

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