MBA कि पढ़ाई छोड़ चाय का स्टॉल शुरू किया, 4 साल में इतनी रकम कमाई की, IIM तक ने बुला लिया

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आपने कई बार देखा होगा बाई बार लोग जिस रह या फील्ड को चुनते है उसमे उनमे से कई उस फिल्ड को छोड़ कर दूसरी फील्ड में सफल होते है | और अपनी मंजिल को प्राप्त करते है | इसके साथ ही वह उन लोगो के लिए एक मिसाल भी बनते है| आज हम इस आर्टिकल में बात कर रहे है अहमदाबाद के प्रफुल्ल बिलोरे के बारेमे जो आज एक एमबीए चायवाला के रूप में प्रसिद्द है। जानिये इनके बारे में, 

इन्होने अपनी MBA की पढाई छोड़ कर सड़क के किनारे चाय का ठेला लगा लिया कई कोसिसो के बाद भी उनका कैट में स्कोर अच्छा नहीं रहा और फिर प्रदुल ने चाय का काम चालू किया और आज इसकी मदद से लाखो रुपए कमा रहे है । प्रफुल ने कैट की परीक्षा तीन साल तक दी लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी व उतना स्कोर नहीं कर पाए थे जितना देश के टॉप MBA कॉलेज में एडमिशन के लिए जरुरी होता है | इसके बाद उन्होंने पढाई छोड़ने का फैसला लिया |

इन सब के बाद भी प्रफुल्ल के माता-पिता चाहते भी यही चाहते थे कि वह किसी भी MBA कॉलेज से अपनी पढाई पूरी कर ले लेकिन इसके लिए प्रफुल्ल बिलकुल तैयार नहीं थे इसके बाद प्रफुल्ल ने कई शहरों में घूमना शुरू किया जिनमें दिल्ली, मुंबई आदि कई बडे़ शहर भी शामिल हैं। इसके बाद प्रफुल्ल ले अहमदाबाद की और अपना सफर किया | प्रफुल्ल को अहमदाबाद शहर बहुत ही पसंद आया |

इसलिए प्रफुल्ल ने कुछ दिन अहमदाबाद में ही बिताये | इन सबके बाद प्रफुल्ल ने सोचा की क्या वह जिंदगी भर ऐसे ही एक स्थान से दूसरी स्थान पर भटकेंगे ? और उन्होंने सोचा की अब उन्हें कुछ काम शुरू करना चाहिए । इसलिए प्रफुल्ल ने अहमदाबाद में रहकर वही पर मैकडॉनल्ड में नौकरी शुरू कर दी | उनके सेलेरी की बात बारे तो यहाँ उन्हें 37 रूपये हर घंटे के लिए मिलते थे और वह पर वह दिन में 12 घंटे काम करने लगे |

प्रफुल्ल बिल्लोरे ने यह सोचा की वह ऐसे मैकडॉनल्ड में नौकरी करते हुए जिंदगी भर नहीं निकल सकते ।इसमें उनकी पूरी ज़िंदगी का गुजरा नहीं हो सकता । इसलिए प्रफुल्ल को ख्याल आया की क्योंना उन्हें अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहिए। लेकिन प्रफुल्ल के पास बिज़नेस करने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे | इसलिए उन्होंने कम पूंजी के बिज़नेस के बारे में सोचा | 

इसलिए उनके दिमाग में चाय का आईडिया आया | तभी उन्होंने अपने माता पिता से पढाई के नाम पर 10 हजार रूपये लिए और उन्होंने चाय के ठेले की शुरुआत की | शुरू में उनकी चाय ख़राब बनने लगी और बिक्री कम हुई, लेकिन बाद में दुकान अच्छी चलने लगी, और पार्टियों में ऑर्डर के साथ आज पुरे भारत में फ्रेंचाइजी है। प्रफुल्ल को आईआईएम में भी बुलाया गया ।

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