असफल चाचा ने कुकर्म करने में भतीजे को…..

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Farrukhabad News: बड़ा अजीब लगता है जब ऐसी घटनाएं सुनने को मिलती हैं जिन्हें सुनने के बाद इंसानियत से भरोसा उठ जाता है जब ये पता चलता है कि आज इंसानी रूप में भेड़िये भी जन्म लेने लगे हैं हम ऐसा क्यों कह रहे हैं आपको आगे कहानी में पता चल जाएगा

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक घटना ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया. यहाँ चाचा ने ही अपने भतीजे से कुकर्म करने की कोशिश की और असफल होने पर उसकी ईंट से कुचलकर हत्या कर दी. पुलिस ने इस मामले का 72 घंटे में ही पर्दाफाश कर आरोपाी चाचा को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी ने पुलिस को दिए बयान में अपना गुनाह कबूल कर दिया है.

पुलिस ने अमान हत्याकांड का पर्दाफाश कर आरोपी रिश्ते के चाचा को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार आरोपी ने ही कुकर्म में असफल होने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या की थी. बीते 10 जून को शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अमेठी जदीद निवासी यामीन का 10 वर्षीय बालक अमान उर्फ फतेह अली का शव बाग में लहुलुहान पड़ा मिला था. उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी. पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी. इस बीच पुलिस नें कई संदिग्धों से पूछताछ की. इसी बीच सख्ती करने पर गांव के ही आरोपी असफाक उर्फ सारिक उर्फ मुन्ने उर्फ बबलू पुत्र बाबू अली ने अपना गुनाह कबूल कर लिया.

असफाक ने पुलिस को बताया कि वह लिंजीगंज बाजार से लौट रहा था तभी उसे अमान आता हुआ मिला. वह अमान को बहला-फुसला कर बाग ले गया और उसके साथ कुकर्म का प्रयास किया, लेकिन वह असफल रहा. जिसके बाद आरोपी असफाक ने सिर पर ईंट मारकर और रस्सी से गला घोंटकर अमान को मौत के घाट उतार दिया. पुलिस ने आरोपी को अमेठी जदीद मोड़ के निकट से गिरफ्तार किया. मृतक अमान आरोपी असफाक की मौसी के बेटे का पुत्र था. वह मृतक अमान का रिश्ते में चाचा लग रहा था. आरोपी को जब पुलिस ने गिरफ्तार कर मीडिया के सामने पेश किया तो आरोपी कैमरे के सामने फूट-फूट कर रोने लगा. उसने अपनी गलती को माननकर खुद को दोषी बताया

शायद पूरी घटना को पढ़ने के बाद आपको भी वही अहसास हुआ होगा जो ऊपर हम बता रहे थे कि ऐसी बातों को सुनने के बाद इंसानियत जैसे शब्दों से भरोसा उठ जाता है वो इसलिए ही कहा था कि आज इंसानी रूप में भेड़िये भी जन्म ले रहे हैं हालांकि ऐसी पहली घटना तो नहीं लेकिन ऐसे कैसे लोग किसी मासूम के साथ ऐसा कर सकते हैं? क्या हमारे समाज मे जहिलता और नंगनता ही बची है? या इसे रोकने का हमारे पास कोई रास्ता नहीं? अब तो सुनके शर्म आती है ऐसी घटनाओं के बारे में।

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