Bangladesh: मौलवी ने Facebook पर ‘HaHa’ रिएक्शन को बताया हराम, 1100 लोगों ने इसी वीडियो पर दिया Haha रिएक्शन।

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फेसबुक (Facebook), जिस पर शुरू में केवल किसी पोस्ट को लाइक या कमेंट करने का ही ऑप्शन हुआ करता था, वो अब अलग-अलग रिएक्शन वाले इमोजी देता है। इसके जरिए आप किसी भी पोस्ट पर उदास, गुस्सा, प्यार, केयर और हंसी, जैसे रिएक्शन दे सकते हैं। मगर एक सच ये भी है कि हर कोई हंसी से खुश नहीं होता है, क्योंकि बांग्लादेश (Bangladesh) के एक मौलवी फेसबुक पर “हाहा” रिएक्शन को हराम बताया है।

अहमदुल्ला, जो बांग्लादेश के एक जाने-माने मौलवी हैं। उन्होंने लोगों को हंसाने या किसी का मजाक उड़ाने के लिए फेसबुक के “हाहा” इमोजी का इस्तेमाल करने वाले लोगों के खिलाफ “फतवा” जारी करने का भी सुझाव दिया है।

अहमदुल्ला के Facebook और Youtube पर करीब 30 लाख फॉलोअर्स हैं। वह बांग्लादेश में धार्मिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए नियमित रूप से टेलीविजन शो में दिखाई देते हैं।

19 जून के अपने फेसबुक वीडियो में, जो तब से वायरल हो रहा है, अहमदुल्ला कहते हैं, “हाहा रिएक्ट फेसबुक पर किसी पोस्ट या कमेंट पर ठीक है, अगर इसे लिखने वाला भी इसे मजाक के लहजे में लेता है या किसी फनी विषय पर बोल रहा है, लेकिन किसी का मजाक उड़ाने के लिए “हाहा” इमोजी का इस्तेमाल करना इस्लाम में हराम है। वह आगे कहते हैं कि पवित्र ग्रंथ कहता है कि “किसी को भी किसी और के खर्च पर मज़ाक नहीं करना चाहिए।”

वह ये समझाते हुए आगे कहते हैं, “फेसबुक पर हाहा-रिएक्ट का इस्तेमाल करना बहुत आम बन गया है।” उन्होंने कहा कि जो कोई “हाहा” रिएक्शन का इस्तेमाल करता है, वह पाप कर रहा है और इसका इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस्लाम मजाक करने से मना करता है।

आखिर में वो ये कहकर अपनी बात खत्म करते हैं, “अगर आप इस हाहा रिएक्शन का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो आपको अपनी आदत को बदलने की जरूरत है।”

अहमदुल्ला बांग्लादेश के सबसे नए इंटरनेट-प्रेमी धार्मिक उपदेशकों में से एक हैं, जिन्होंने लाखों फॉलोअर्स को ऑनलाइन आकर्षित किया है। विडंबना ये है कि अहमदुल्ला के वीडियो पर ही 1,100 से ज्यादा लोगों ने “हाहा” रिएक्शन दिया।

आज के ज़माने में नए-नए नियम-कानून बन रहे हैं जिस पर लोग खुलकर बाते करते हुए नज़र आ रहे हैं। अगर सच में हाहा रिएक्शन देना हराम है तो ये 1100 रिएक्शन्स इनकी पोस्ट पर किसके आये? हालांकि मौलवी साहब की बातों से बहोत लोग इत्तेफाक रखते हैं इसका जीता-जागता उदाहरण है उनके लगभग 30 लाख से ज़्यादा फॉलोवर्स जो उन्हें दिन-रात फॉलो करते हैं।

आपकी क्या राय है इस पर हमें कॉमेंट बॉक्स में बताना न भूले हमें इंतेज़ार रहेगा आपके जवाब का क्या आपको भी ऐसा लगता है कि हाहा रिएक्शन देना हराम है?

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