30 हजार की लागत से 30 लाख तक कैसे पहुंचा होममेड मसालों का बिजनेस……

अनुभव भटनागर

कोरोना की वजह लगे लॉकडाउन ने आज पूरी दुनिया को खाने की अहमियत को समझा दिया है। लॉकडाउन में लोगों ने यह जान लिया कि हम जो खाना फेंकते थे उसकी क्या कीमत होती है? इसलिए अब लोग खाने की चीजों को कितने अधिक दिनों तक सुरक्षित रख सके इस पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं।

वैसे तो लोग खाने में अदरक लहसुन और प्याज का इस्तेमाल करते हैं इसके इस्तेमाल से भोजन का स्वाद बढ़ जाता है और यह भोजन पचाने में भी मदद करते हैं इसलिए लोग चाहते हैं कि इन्हें ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रख सके लेकिन ऐसा कर पाना बड़ा मुश्किल होता है।

ऐसे तो बाजार में बहुत सारी कंपनियां हैं जो इन सब वस्तुओं को प्रिजर्वेटिव करके बेचती हैं लेकिन इन सभी में केमिकल्स मिले होते हैं।जिससे यह काफी दिनों तक सुरक्षित रहते हैं लेकिन इसका इस्तेमाल हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।

इस साल लगे लॉकडाउन में हमारे उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के रहने वाले अनुभव भटनागर ने रेडी टू कुक मॉडल पर होममेड प्रिजर्वेटिव फ्री मसालों के पाउडर बनाने का काम शुरू किया है। जिसके तहत उन्होंने ऐसी चीजों को स्टोर करके लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया।

अनुभव भटनागर ने एक दर्जन से भी ज्यादा प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग देशभर में शुरू की अच्छा रिस्पांस आने की वजह से उनका 35 लाख रुपए का टर्नओवर शुरू हो गया।

आइए जानते हैं अनुभव भटनागर ने ऐसा कैसे किया

 अनुभव भटनागर की पढ़ाई

अनुभव भटनागर के पिताजी आर्मी ऑफिसर रहे हैं। 29 साल के अनुभव की पढ़ाई लिखाई अलग-अलग शहरों में हुई है। 2012 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने हैदराबाद में एक कंपनी में ढाई साल काम किए। इसके बाद उन्होंने XlR8 जमशेदपुर से डिप्लोमा किया और फिर हैदराबाद लौट आए जहां उन्होंने 2 साल तक डिजिटल मार्केटिंग के फील्ड में काम किया।

अनुभव भटनागर का जॉब और मार्केटिंग सोच

अनुभव भटनागर अपने जॉब से काफी खुश थे और उनका मानना है कि उनके जॉब लाइफ ही अच्छी चल रही थी। उनका बिजनेस करने का कोई पहले से प्लान नहीं था और इस विषय में उन्होंने अभी तक कुछ सोचा भी नहीं था।

लॉकडॉउन के कारण घर पर ही बैठे रहने के कारण मैं घर में कुकिंग भी करने लगता था। कुकिंग करते-करते ही एक दिन मेरे दिमाग में इन वस्तुओं को स्टोर करने की बात आई कि बिना कोई केमिकल्स मिलाए अदरक-लहसुन और प्याज को लंबे वक्त तक कैसे सुरक्षित रखा जा सकता हैं। क्या ऐसा कोई तरीका है?

अनुभव भटनागर का रिसर्च

इस सोच को यथार्थ रूप देने के लिए अनुभव भटनागर हैदराबाद में ही सीएफटीआरआई से सम्पर्क किए। वहां के अधिकारियों से मिले और अपनी बात बताइए इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें डिहाईड्रेशन तकनीक के बारे में बताया।

इस प्रकार अनुभव भटनागर को पता चला कि इस तकनीक से हम किसी भी वेजिटेबल फूड या फूड्स को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। आज भी गांव में लोग इस तकनीक के इस्तेमाल से पापड़ चिप्स अचार आदि बनाते हैं।

 अनुभव भटनागर की नई शुरुआत

अब क्या था? अनुभव भटनागर ने अपनी नई शुरुआत की है।अनुभव बताते हैं कि इस आइडिया को उन्होंने अपने कुछ खास दोस्तों को बताया। उनके दोस्तों ने इसको लेकर उन्हें अपने-अपने सुझाव दिए। उनके दोस्तों के सुझाव ने उनके काम में उनकी बहुत मदद की।

 कम लागत से की शुरुआत

अनुभव भटनागर ने मात्र ₹3 हजार की लागत से यह बिजनेस शुरू किया उन्होंने एक ग्राइंडर मशीन खरीदी एक ओवन लिया और फिर लहसुन और प्याज को डिहाइड्रेट करके पाउडर तैयार किया। उन्होंने इस प्रोडक्ट में किसी भी तरह के केमिकल या प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल नहीं किया। इसे बनाने के बाद उन्होंने इस प्रोडक्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर किया जाए। और उनसे उनके अनुभव पूछे। जिससे उनके प्रोडक्ट के लिए उन्हें अच्छी प्रतिक्रिया मिली।

सोशल मीडिया का इस्तेमाल

अनुभव भटनागर ने अपने इस प्रोडक्ट को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है सोशल मीडिया के इस्तेमाल से उन्हें बड़ी सफलता मिली। लोगों ने प्रोडक्ट की डिमांड पर अनुभव ने खुद के वेबसाइट के साथ ही फ्लिपकार्ट और अमेजन के जरिए भी अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग शुरू की। आज के समय को समझते हुए अनुभव भटनागर ने ऑनलाइन मार्केटिंग की और इससे उन्हें बड़ा फायदा भी हुआ।

मार्केटिंग पर फोकस

अनुभव भटनागर ने बताया कि इस प्रोडक्ट को बनाने के साथ-साथ मैंने इसकी मार्केटिंग पर भी फोकस किया। पहले से बाजार में उपलब्ध प्रोडक्ट से कंपेयर किया क्वालिटी की जांच की और कुछ रिटेल शॉप के मालिकों से बात …

 खुद की कंपनी

2020 में अनुभव भटनागर Zilli’s नाम से खुद की कंपनी रजिस्टर की और घर से ही काम करना शुरू किया इस काम के लिए उन्होंने अभी तक किसी को रखा नहीं था जून 2020 से अनुभव ने कमर्शियल प्लेटफार्म पर कदम रखा।

अनुभव भटनागर ने अपने अथक प्रयास से 1 साल के दौरान ही 12 हजार से ज्यादा कस्टमर तक अपने प्रोडक्ट पहुंचाए। जिससे उन्हें ₹35 लाख का मुनाफा हुआ और उनकी ग्रोथ रेट लगातार बढ़ती ही जा रही है।
अनुभव ने देश के अलग-अलग हिस्सों में भी अपने डीलर और रिटेलर्स के नेटवर्क को तैयार कर लिया है उन्होंने हैदराबाद में ही अपना खुद का ऑफिस खोल लिया है।

 प्रोडक्ट की तैयारी

अनुभव बताते हैं कि शुरू में उन्होंने यह काम अपने घर से ही किया लेकिन जब डिमांड बढ़ने लगी। तब उन्होंने मशीनों की मदद लेना शुरू किया है लेकिन मशीन महगें और बड़े थे। जिसके लिए उनके पास इतने पैसे नहीं थे तो उन्होंने किराए पर ही ले कर काम चलाना शुरू किया।

उन्होंने बताया कि मसालों को तैयार करने के लिए पहले लहसुन और प्याज को धूप में सुखाया जाता है इसके बाद ग्राइंडर की मदद से पीस दिया जाता है और पाउडर तैयार किया जाता है इसके बाद क्वालिटी टेस्टिंग की जाती है फिर पैकेजिंग की जाती है।

इस समय अनुभव भटनागर के पास 13 प्रोडक्ट्स हैं। जिनमें से अदरक पाउडर, लहसुन पाउडर, प्याज पाउडर, मिर्च पाउडर, हल्दी दूध मसाला जैसे प्रोडक्ट हैं उन्होंने इस कार्य में 5 लोगों को रोजगार भी दिया है। जो प्रोडक्शन के साथ-साथ पैकेजिंग में इनकी मदद करते हैं।

अनुभव भटनागर की कहानी से हमें भी सीख लेनी चाहिए। मुश्किलों के दौर में बिना हिम्मत हारे अगर हम किसी भी कार्य को बड़ी ही शिद्दत से करते हैं तो हमें उसमें सफलता जरूर मिलेगी।

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